नई दिल्ली — पूर्व विदेशमंत्री एवं राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता सुषमा स्वराज आज पंचतत्व में विलीन हो गयी। अंतिम संस्कार की सभी रश्में उनकी बेटी बाँसुरी ने पूरी की। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। वे अपने पीछे पति स्वराज कौशल और लंदन के इनर टेंपल में वकालत कर रही बेटी बाँसुरी को अपने पीछे छोड़ गयी है। उनका निधन देश के लिये एक अपूरणीय क्षति है।
चाहे वह विदेश में फँसे किसी भारतीय को स्वदेश लौटने में मदद की बात हो या किसी व्यक्ति की पासपोर्ट संबंधी समस्या हो जिसने भी सुषमा स्वराज से मदद माँगी , छोटे से छोटे अनुरोध को भी उन्होंने अनदेखा नहीं किया और सबको हर संभव मदद की।
रायपुर छत्तीसगढ़ में एम्स अस्पताल उन्हीं की देन है। उन्होंने स्वयं आकर इस जगह का चयन किया था। एम्स अस्पताल खोलकर वे छत्तीसगढ़ वासियों के दिल में राज करने लगी। आज भी छत्तीसगढ़ में उनकी काफी लोकप्रियता है। माँग भर सिंदुर , माथे भर बिंदी और हाथों भर चुड़ी पहनी सुषमा स्वराज जब 10 नवंबर 2018 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँची तो इस चैनल के अरविन्द तिवारी को उनका संक्षिप्त पत्रकार वार्ता काअवसर मिला। तेज तर्रार एवं प्रखर प्रवक्ता और सरल हृदय से सुशोभित सुषमा स्वराज को हमारी बेबपोर्टल न्यूज चैनल की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि ।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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