आज फसल तैयार होने की खुशी मेँ नई फसल का भंडार साफ करके तैयार करने पर खुशी के रंग के साथ होली जलाई जाती है और फूलों के स्वागत में रंग बिरंगे रंगों से नाच गा के होली मनाई जाती है गीत ढोलक की थाप में झूम झूम के नाच गाना होता है भेद भाव मिटा कर बस मुस्कुरा कर रंग लगाने की प्रथा है और गले मिलने की प्रथा है चीफ एडिटर रुद्र और डायरेक्टर एडिटर कौशल धनकर की तरफ से होली की शुभकामनाएं

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