नई दिल्ली — राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता सुषमा स्वराज को कल अटैक आने पर दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ ईलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। तब उनके साथ उनके पति स्वराज कौशल और बेटी बाँसुरी भी थी। उनको देखने के लिये डा० हर्षवर्धन , नितिन गडकरी , राजनाथ सिंह इत्यादि वरिष्ठ नेता भी एम्स पहुँचे थे । वे 2016 से बीमार चल रही थी । उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। आज दोपहर 12:00 बजे भाजपा कार्यालय में उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिये रखा जायेगा इसके बाद दोपहर 3:00 बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हुआ था अंबाला में एसडी कॉलेज से बीए पढ़ाई करने के बाद पंजाब चंडीगढ़ से वकालत की पढ़ाई की थी । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के राजनीतिक कैरियर की शुरुआत आपातकाल के दौरान 1970 में हुई थी। 1977 में हरियाणा से पहली बार विधायक बनी। हरियाणा से वह विधायक चुनी गयी। 1977-1979 में ही वह राज्य में चौधरी देवी लाल की सरकार में श्रम मंत्री बनायी गयी। सुषमा महज 25 साल की उम्र में मंत्री बन गयी थी जो उस समय सबसे कम उम्र में मंत्री होने का रिकॉर्ड था।वह 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिनों की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री थीं। साल 1998 में उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई और वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह पहली महिला विदेश मंत्री भी बनीं. विदेश मंत्री के तौर में उनका कार्यकाल हमेशा याद किया जायेगा। मोदी के पहले कार्यकाल में यह विदेश मंत्री रही एवं दूसरे कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
अपनी मौत के लगभग तीन घंटा पहले ही जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म होने पर सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर मोदी को बधाई दी थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रधान मंत्री जी – आपका हार्दिक अभिनन्दन।मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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