केंद्र सरकार के बड़े-बड़े दावे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान फेल होता नजर आ रहा है ज्योति वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश(रजिस्टर्ड) प्रयागराज की संस्था के द्वारा पूरे प्रदेश में सर्वे कर निरीक्षण किया गया तो पता चला बनारस जैसी धार्मिक स्थली पर भी नाबालिग बच्चियों से देह व्यापार मडुवाडीह में कराया जा रहा है ।इसी प्रकार मेरठ में 2000 से ज्यादा लड़कियों की मानव तस्करी जिला प्रशासन ने पुनः करा दी जबकि माननीय हाई कोर्ट ने आदेश पारित किया था की अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत महिलाओं बच्चियो को मुक्त कराकर कोठों को सील किया जाए।महिलाओं के उद्धार के संदर्भ में प्रदेश ही न केवल दिल्ली और नागपुर,कलकत्ता जैसे शहर के लिए भी संस्था ज्योति वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील चौधरी अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद विगत कई वर्षों से मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। श्री चौधरी ने पूरे प्रदेश में कई रेड लाइट एरिया होने का दावा कोठो की रेकी कर और आर टी आई से खुलाशा किया है जिसमें मुख्य तौर से बस्ती, मऊ, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, हरदोई, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, बनारस, सहारनपुर, आदि जिलों में खुलेआम कोठों पर बेटियों को बेचा जा रहा है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वाली सरकार बेटियों को बचाने के लिए फेल हो चुकी है।

महिला समाज कल्याण मंत्रालय सिर्फ सत्ता की मलाई खाने के लिए बना है*
महिलाओ पर हो रहे मानवतस्करी कर जबरन देहव्यापार कराने की क्रूरता को कौन नही जानता लेकिन महिला समाज कल्याड मंत्रालय भी आँख पर काली पट्टी बांध कर चूड़ी पहन कर बैठ गया है ।
महिला नेताओ की बात करे चाहे माननीया मंत्री स्मृति ईरानी जी हो,मा. स्वाति मालीवाल जी हो,मा. पूर्व मंत्री अनुप्रिया पटेल जी और अन्य कई महिला मंत्री विधायक,महिला सामाजिक संग़ठन सभी को इस बात की जानकारी भी होने पर आँख पर पट्टी बांधे हुए है ।

स्थानीय लोगो, जनता का कहना है कि बड़े बड़े नेता होते है शामिल, ऐसे अनेतिक कार्यो में

संस्था के द्वारा सर्वे किये जाने पर इस बात का भी पता चला कि ऐसे अनैतिक देह व्यापार के धंधे में बड़े-बड़े सफेदपोश नेता मंत्री भी शामिल होते हैं जिन्हें अक्सर रात में खुश करने के लिए नाबालिग लड़कियों की सप्लाई की जाती है। कुछ लोगों के द्वारा यह भी बताया गया है कि स्थानीय छोटे नेता नाबालिग लड़कियों की सप्लाई कर बड़े नेताओं को खुश करते हैं और पार्षद,विधानसभा,सांसद का टिकट भी लेते हैं।
इस कार्य मे कुछ महिला नेता भी शामिल होती है जो बड़े नेताओं को नाबालिग लड़कियो को अपनी गाड़ी में बैठा कर ले जाकर रात बिताने के लिए परोसती है।और नेता जी से टिकट ले लेती है।

सिपाही से लेकर एसएसपी और ड़ी. जी. पी. तक जाता है कोठो दलाली का हिस्सा

श्री चौधरी ने बताया कि उपरोक्त प्रत्येक जिले के कप्तान को दलालों और स्थानीय पुलिस वालों के द्वारा कोठों से अवैध लाखो रुपए कमाई का हिस्सा पहुंचाया जाता है पुलिस की जानकारी में नेपाल व अन्य राज्यों से लड़कियों को रोजगार दिलाने के नाम पर,बहला फुसला कर उनकी मानव तस्करी कर उत्तरप्रदेश के कोठो पर देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता है। पूर्व में इलाहाबाद के रेड लाइट एरिया पर भी श्री चौधरी ने आरटीआई के द्वारा खुलासा कर 200 से ज्यादा नाबालिग बच्चियों से जबरन देह व्यापार कराए जाने की सूचना जिला प्रशासन को दी थी और माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी जिस पर हाईकोर्ट के आदेश पर इलाहाबाद प्रयागराज के कोठों से 107 महिलाओं, बच्चों, नाबालिग बच्चियों को कोठों से मुक्त कराकर कोठो को सील कराया गया था ।इलहाबाद मीरगंज के रेड लाइट एरिया को लेकर चलाये गए आंदोलन में श्री सुनील चौधरी को जिलाप्रशासन ने मार पीट कर जेल भी भेजा था ,क्योकि पुलिस की अवैध वसूली बंद हो गई थी।

श्री चौधरी ने बताया कि कई कोठो पर 13 से 15 साल तक कि लड़कियों को लाकर दलाल बेच देते है और फिर इन बच्चियों को ऑक्सिटॉक्सिन इंजेक्शन (यह इंजेक्शन गाय भैसों को भी ज्यादा निकलने के लिए लगाया जाता है) लगाया जाता है जिससे यह बच्चियां 6 महीने में शारीरिक बदलाव होने के कारण बड़ी दिखने लगती ऐसी मानवीय क्रूरता हर कोठों पर की जाती है जिसका अंदाजा जिला प्रशासन भी नहीं लगा सकता है। इन बच्चियों को शुरुआती तीन से छह महीनों में मारा पीटा जाता है और 3 से 4 दिन तक भूखा बंद अंधेरे कमरे में रखा जाता है और बड़े बड़े चूहे छोड़ दिये जाते है जिसके बाद मानसिक तौर से टूट कर, मजबूर होकर बच्चियां कोठा संचालिकाओं की बात ना चाहते हुए भी देह व्यापार के दलदल में फंस जाती हैं। पुलिस को सारी जानकारी होती है लेकिन पुलिस भी ऐसी मानवी क्रूरता को देख कर भी उसकी रूह नहीं कापती और चंद रुपयों के लिए बच्चियों के साथ क्रूरता की जाती है ।

प्रदेश के कोठो को बंद कराये जाने की मांग “ज्योति वेलफेयर सोसायटी,उत्तरप्रदेश(रजिस्टर्ड),” प्रयागराज की ओर से सुनील चौधरी द्वारा दाखिल याचिका माननीय उच्चन्यायालय इलाहाबाद में लंबित है।माननीय हाई कोर्ट ने संस्था के अध्यछ व उनके परीवार को सुरछा दिए जाने का आदेश भी जिला प्रशासन को दिया है जिस पर जिला सुरछा समिति ने भी सुरछा दिए जाने का फैशला ले लिया है ।संस्था का मूल उद्देश्य मानव तस्करी और वेष्यावृत्ति को बंद कराना और सरकार को सुझाव देना है।

आखिर कब बंद होंगे मानव तस्करी के अड्डे,कोठे ?

इस देश में मानव तस्करी के अड्डे कब बंद होंगे? नोकरी के नाम पर व बहला-फुसलाकर के हमारे समाज की बहन बेटियों को ही कोठों पर बेच दिया जाता है*।

दिल्ली जी बी रोड पर चल रहे है 130 कोठे
देश की राजधानी दिल्ली में भी मानव तस्करी के अड्डे जहां 130 कोठे वर्तमान समय में चल रहे हैं संस्था ज्योति वेलफेयर सोसायटी के द्वारा कोठो की रेकी कर व आरटीआई के द्वारा प्राप्त जानकारी से भी पता चला है कि दिल्ली में 130 कोठे चल रहे हैं जहां कई राज्यों से नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाकर बेच दिया जाता है और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता है इस कार्य में भी दिल्ली के कई स्थानीय नेता ,मंत्री ,सांसद भी शामिल है जिनके संरचड़ में खुलेआम देह व्यापार कोठो पर चल रहा है।

सुनील चौधरी अधिवक्ता हाई कोर्ट प्रयागराज रिपोर्ट

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