गाड़ियों के मार्जिन पहले भी कम थे gst और इन्सुरेंस के नियम और भारी प्रीमियम के कारण भारत में कार के अलावा टू-व्हीलर की ग्रोथ रेट में कमी दर्ज की गई है। पिछले 2 साल में करीब हर हफ्ते एक टू-व्हीलर स्टोर बंद हुआ है। इंडियन ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर को इस दौरान करीब 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। साथ ही 205 डीलर्स ने अपने ऑपरेशन खत्म कर दिए हैं, जबकि 300 डीलरशिप स्टोर बंद हुए हैं। इसकी वजह से करीब 3000 लोगों की नौकरी छिन गई है।

एक्सपर्ट के मुताबिक ऑटो सेक्टर में नुकसान की वजह भारतीय डीलर्स का मार्जिन रेट कम होना है। भारत में जहां मार्जिन रेट 2.5 प्रतिशत से 5 प्रतिशत है। वही ग्लोबल स्तर पर डीलरशिप मार्जिन 8 से 10 प्रतिशत रहा है। साथ ही रेंटल का डबल होना और कर्मचारियों की सैलरी का बढ़ना, जीएसटी के लागू होने से मार्केट पर असर पड़ा है। सुजुकी के एरिया मैनेजर, वेस्टर्न यूपीमुकेश कुमार सिंह ने मनी भास्कर को बताया कि डीलरशिप बंद होने की वजह रेंटल है। दरअसल अगर ओनर कास्टोर रेंट पर है, जो उसके बंद की संभावना ज्यादा होती है, क्योंकि अधिकतम 6 प्रतिशत की मार्जिन दर से प्रॉफिट हासिल करना मुश्किल होता है। वहींसरकार की तरफ से 5 साल का इंश्योरेंस अनिवार्य करने का भी असर देखा जा रहा है। पहले जो इंश्योरेंस एक हजार में हो जाता था, वो अब 4 से 5 हजार में होता है।इसके अलावा इनवेंटरी फंडिंग भी एक वजह है, क्योंकि इसमें 45 दिनों के बाद ब्याज डबल हो जाता है।

पिछले दो साल में मारुति, महिंद्रा, होंडा और टाटा के करीब 9 से 12 डीलरशिप स्टोर बंद हुए है, जबकि Nissan के 38, Hyundai के 23 स्टोर बंद हुए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा डीलरशिप स्टोरमहाराष्ट्र और बिहार में बंद हुए हैं।

पैसेंसर व्हीकल की सेल्स मार्च में 20 प्रतिशत घट गयी है। यह पिछले आठ साल में पहली बार है जब मारुति की सेल्स इतनी घट गई है। कंपनी ने 1 अप्रैल 2020 से सभी डीजल कार बंद करने का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मारुति की सेल्स में और भी कमी हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *