इंग्लैंड — इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के मुताबिक सेमीफाइनल की टीमें तय हो चुकी हैं जिसके अनुसार लीग मुकाबले की एक नंबर टीम भारत का मुकाबला चौथे नंबर की टीम न्यूजीलैंड के साथ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में आज 09 जुलाई को होगा । दूसरे सेमीफाइनल की बात करें तो दूसरे नंबर पर रही आस्ट्रेलिया टीम और तीसरे नंबर पर रही मैजबान इंग्लैंड टीम के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में यह मुकाबला 11 जुलाई को खेला जायेगा।
आईये बात करते हैं विश्वकप के पहले सेमीफाइनल मैच की तो आज का जबरदस्त रोमांचक महामुकाबला भारत और न्यजीलैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में होगा। यह वही मैदान है जहाँ हाल ही के लीग मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हराया था। दोनों ही टीमों के लिये आज का मुकाबला काफी महत्वपूर्ण है। 44 साल बाद और विश्व कप में पहली बार आज भारत और न्यूजीलैंड की टीमें इस मैदान पर सेमीफाइनल मैच खेलेगी । इस विश्व कप में विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में 09 में से 07 मैच में जीत दर्ज कर कुल 15 अंक के साथ टॉप रही है। भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था वहीं न्यूजीलैंड की टीम 09 में से 05 में जीत सकी है और उन्हें तीन में हार का सामना करना पड़ा है।
खेल विश्लेषकों का साफ कहना है इस विश्व कप में पहले बल्लेबाजी करनेवाली टीमों का ही वर्चस्व रहा है इसलिये आज भी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम फायदे में रहेगा। यदि न्यूजीलैंड टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करती है और 300 से ज्यादा स्कोर बना लेती है तो इस लक्ष्य को पाना टीम इंडिया के लिये चुनौतीभरा होगा। वहीं टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर ये स्कोर हासिल कर लेती है तो न्यूजीलैंड को ये हासिल करना आसान नहीं होगा। इस टूर्नामेंट में भारत को लक्ष्य का पीछा करते हुये एकमात्र हार का सामना करना पड़ा था , इंग्लैंड ने भारत को 31 रनों से हराया था।
सेमीफाइनल के मुकाबले की बात करें तो इतिहास टीम इंडिया के पक्ष में दिखता है। विश्व कप के इतिहास में टीम इंडिया ने अब तक 07 सेमीफाइनल मुकाबले खेले हैं और 04 में जीत हासिल की है जबकि न्यूजीलैंड ने 08 सेमीफाइनल मैचों में महज 01 में ही जीत दर्ज की है।भारतीय टीम सातवीं बार सेमीफाइनल में पहुँची है। बीते छह मौकों से तीन बार उसे जीत (1983, 2003, 2011) मिली है और तीन बार हार (1987, 1996, 2015) में उसे हार मिली थी। वहीं न्यू जीलैंड की टीम सिर्फ एक बार (2015) सेमीफाइनल में जीत हासिल कर पायी है। ऐसे में सेमीफाइनल के दबाव में भारतीय टीम के जीतने की संभावनायें अधिक हैं।

अरविन्द तिवारी की कलम✍ से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *