अहमदाबाद — बर्खास्त गुजरात-कैडर के आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 30 साल पुराने हिरासत में मौत के मामले में जामनगर की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी प्रवीण सिंह झाला को भी आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है।
गौरतलब है कि तीस साल पहले 1990 में जामनगर में बंद के दौरान हुई हिंसा का है । जब संजीव भट्ट गुजरात के जामनगर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात थे। तब पुलिस ने 133 लोगों को कार्यवाही करते हुये हिरासत मे लिया था । जिसमें 25 लोग घायल थे और आठ लोगों को ईलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया था । जहाँ ईलाज के दौरान प्रभुदास वैश्वानी की मौत हो गयी थी । इस आरोप में संजीव भट्ट को वर्ष 2011 में निलंबित कर दिया गया था । जिसके बाद वे बिना बताये ड्यूटी से अनुपस्थित रहे तो अगस्त 2015 में उन्हें नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया था

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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