नई दिल्ली – प्रणव दा के नाम से मशहूर भारत के तेरहवें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को आज महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। मुखर्जी राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद पहली बार आज राष्ट्रपति भवन पहुँचे। प्रणब मुखर्जी के अलावा यह पुरस्कार मरणोपरांत सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख और असम प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका को भी मिला। भूपेन हजारिका के पुत्र ने यह सम्मान ग्रहण किया । मुखर्जी करीब पाँच दशक से राजनीति में हैं इस दौरान वे कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की सरकार के समय पर विभिन्न पदों पर भी आसीन रहे हैं। वर्ष 1982 में 47 साल के उम्र में देश के सबसे कम उम्र के वित्तमंत्री बने थे। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों विदेश मंत्रालय , रक्षा मंत्रालय , वित्त मंत्रालय का कामकाज संभाला था । 83 वर्षीय मुखर्जी साल 2012-2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे।
प्रणव मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 में पश्चिम बंगाल के बीरभूमी के मिराटी में बंगाली परिवार में हुआ था। उन्होंने राजनीति विज्ञान और इतिहास में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के अलावा कोलकाता विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की है।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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