भारत में बढ़ता कृषि संकट नरेंद्र मोदी के लिए उनके पहले कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा. देश भर के किसान दिल्ली-मुंबई सहित देश के कई हिस्सों में सड़कों पर अपनी फ़सल के उचित दाम की मांग के साथ उतरे।

बीजेपी ने अपनी पहली सरकार में चुनिंदा किसानों को 6000 रुपये सालाना देने का फ़ैसला किया था, हालांकि मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में सभी किसानों के लिए ये स्कीम लागू कर दी है।

कृषि एक्सपर्ट कहते हैं, “इस योजना से कुछ वक्त के लिए राहत देगी लेकिन लंबे वक्त में ये काम नहीं आएगी.” वह मानते हैं कि कृषि क्षेत्र की संरचना को सुधारने की ज़रूरत है।

वर्तमान समय में किसान अपनी फ़सल राज्य सरकार की एजेंसियों को बेचते हैं।विचारक कहते हैं कि किसानों को सीधे बाज़ार में मोलभाव करने की सहूलियत देनी चाहिए।

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