भारत के कूटनीतिक दबाव का असर पाकिस्तान पर दिखने लगा है। इतिहास में पहली बार है कि पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर माना है कि आतंकवादी उसी की सरजमीं पर पल रहे हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने यह भी कबूल किया है कि पूर्ववर्ती सरकारें आतंकियों पर मेहरबानी करने में व्यस्त रहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी सरकार के कहे को मानती रहीं किसी ने आतंक को रोकने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

यह बयान इमरान खान के उस बयान के ठीक उलटा है जो उन्होंने पुलवामा के बाद दिया था। इमरान खान ने कहा था कि भारत में हमला करने वाले आतंकियों का पाकिस्तान से वास्ता कोई वास्ता नहीं है। इस बयान की एहमियत इसलिए भी ज्यादा मानी जा रही है क्यों कि यह बयान सरकार ने नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना ने जारी किया है। ध्यान रहे पाकिस्तानी सेना की शाखा आईएसआई ही आतंकियों को पालने-पोषने का काम कर रही है। कुख्यात आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन को भी पाक सेना का संरक्षण मिला हुआ था।
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि आतंकियों की मौजूदगी का बयान पाकिस्तान के घड़ियाली आंसुओं से ज्यादा कुछ भी नहीं हैं। अभी उस पर ब्लैकलिस्ट नेशन का ठप्पा लगने वाला है। इसलिए ऐसे बयान आ रहे हैं। अलबत्ता पाकिस्तान की आतंक और भारत के बारे में कोई नीति नहीं बदली है। पाकिस्तानी सेना का यह बयान तब काफी अहम माना जा रहा है जब भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस्लामाबाद के साथ कोई बातचीत तभी हो सकती है जब वह अपने यहां मौजूद आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगा।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमने हिंसक चरमपंथी संगठनों और जिहादी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।’ गफूर ने कहा कि पाक को काफी क्षति झेलनी पड़ी है और आतंकवाद को खत्म करने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है। हमने आतंकवाद के कारण लाखों डॉलर गंवाए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व की सरकारें आतंकवाद से निपटने में नाकाम रही हैं और उसकी वजह से पाकिस्तान को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ है। गफूर ने कहा, ‘सरकारें मेहरबानी करने में व्यस्त रही हैं और हर सुरक्षा एजेंसी इसी में व्यस्त रही है। इस वजह से हम प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ उस रणनीति को बनाने में नाकाम रहे हैं।

गत 14 फरवरी को जैश द्वारा पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर किए गए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इस घटना में सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 26 जनवरी को पाक में मौजूद आतंकी शिविरों पर हवाई हमला किया था और फिर अगले ही दिन पाकिस्तानी वायु सेना ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की जिसे वायु सेना के विमानों ने खदेड़ दिया। इसी क्रम में पाक वायु सेना और भारतीय वायु सेना के पायलटों के बीच आसमान में डॉग फाइट हुई और विंग कमांडर अभिनंदन ने पाक के एफ16 जेट को मार गिराया। हालांकि, उनके मिग-बाइसन को भी गिरा दिया गया था और इजेक्ट होने के क्रम में वह पीओके में जा गिरे और फिर उन्हें पाक सैनिकों ने कब्जे में ले लिया। हालांकि, उन्हें फिर रिहा कर दिया गया।

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