ानी बिजली को तरसती राजधानी लखनऊ की जनता।

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिस तरीके से इस भीषण गर्मी में लोगों को बिजली और पानी की मूलभूत समस्याओं से आए दिन दो-चार होना पड़ता हो बाउजूद उसके राजधानी लखनऊ के कुछ जगहों के आलाकमान जनता को छोड़िये जनाब पत्रकार द्वारा जब सीयूजी नंबरों पे फोन कर उपलब्ध जानकारी मांगने का प्रयास किया जाता है तो जनाब जीएम साहब एस के वर्मा का फोन तक नही उठा। और उनके विभाग ज़ोन 6 के ऐई अनिल कुमार व जेई देवेंद्र सिंह का फोन उठा भी लेकिन अफ़सोस संतोषपूर्ण जवाब न मिला। ऎसा ही कुछ हाल बिजली विभाग के अधिकारियों का भी देखने को मिला है। वही फतेहगंज बिजली विभाग के जेई साहब राहुल सिंह का तो फ़ोन तक नही उठा साथ ही बिजली घर का फोन कई दिनों से ऑफ़ जा रहा है।

अब यह बात राजधानी लखनऊ में आम हो रही है सबसे बड़ी बात यह है की देश के सबसे बड़े प्रदेश की राजधानी लखनऊ जहां पर पूरा प्रशासनिक अमला बैठा हुआ है मंत्री गण बैठते हैं मुख्यमंत्री जहां पर रहते हो जब वहां के रहने वालों को बिजली और पानी की समस्या से रोज जूझना पड़ता हो तो सरकार के तरफ से जो बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं इन पर सवालिया निशान खड़ा होता है। इतने बड़े प्रदेश में जब राजधानी में ही दिया तले अंधेरा हो। तो प्रदेश में किए जा रहे सरकार और प्रशासन के तरफ से पूरे वादे फेल होते नजर आ रहे हैं राजधानी की जनता पानी और बिजली वह भी इस तरीके की भीषण गर्मी में जब लोगों का गला बिना पानी के सूखता हो लगता है प्रशासन कोई बहुत बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है सरकार बड़े बड़े वादे तो कर रही है लेकिन धरातल पर सब शून्य साबित होती नजर आ रही हैं जो सरकार अपनी जनता को पानी जैसी मूलभूत सुविधा वह भी राजधानी लखनऊ के अंदर ना दे सके ऐसी सरकार से जनता क्या उम्मीद करेगी। वहीं प्रशासन की भी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है गर्मी के मौसम में पानी सबसे बड़ी आवश्यकता होती है चाहे वह खास हो चाहे वह आम हो चाहे गरीब इंसान हो पानी उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन का सबसे पहला व सबसे बड़ा कर्तव्य है और यह हर नागरिकों की आवश्यकता है।

नीरज जैन कि विशेष रिपोर्ट

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