हर वक़्त किसी की आपके बच्चे पर नज़र रहती है सतर्क रहें जागरूक रहे बचपन बचाएं

25 मई 1983 में रोनाल्ड रेगन यूनाइटेड स्टेट में इंटरनेशनल चिल्ड्रेन्स मिसिंग डे की सुरुआत की थी।भारत में 174 बच्चे रोज लापता होते है।यह गृहमंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े के हिसाब से है।यह एक गैर कानूनी धंधे मानव तस्करी से जोड़ा जा सकता हैं।इस कार्य में प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिये क्यों कि जैसे शिक्षा और ज्ञान का विकास होगा ग्रह कार्य और जिस्मफरोशी के काम के लिये लोग बाजार में नही मिलेंगे । इस कारण बच्चे ही इसका शिकार हो कर मानव तस्करी का हिस्सा बनते है ।

राष्ट्रीय औसत इनमे से 35% बच्चे ही रेस्क्यू हो पाते है ।वैसे तो ट्रेफिकिंग ऑफ पर्सनल (प्रिवेंसन,प्रोटेक्शन एंड रिहबलिटेशन )बिल 2018 के अपने तरीके पर ट्रैक चाईल्ड ,ऑपरेशन स्माइल और मुस्कान जैसी सरकारी पहल से लापता बच्चों को रेस्क्यू करने की कोशिश जारी है लेकिन नागरिक को भी जागरूक होने की आवयश्कता है।

एक बबली की कहानी है कि बच्चों के सामने घटना कितना उसके दिमाग में घर करती दो सहेलियां बबली और गुड़िया रोज खिलखला कर घर के सामने कहके मैदान में खेलती थीं एक दिन बबली बहुत प्यास लगी और वह घर पानी पीने क्या आई खुले मैदान से गुड़िया गायब हो गई आज बबली आठ साल की है लेकिन खुले आसमान में कैसे खेला जाता भूल चुकी है क्यों उसको 4 साल पहले की गुड़िया की तलाश रहती है।

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