पुलिस अधिकारी शहीद की पत्नी व आईपीएस की बहू तथा प्रदेश के बहुत बड़े समाजसेवी ,प्रतिष्ठित परिवार की सदस्य व मानवाधिकार पर कार्य करने वाली नम्रता पाण्डेय पर नवीन मार्किट के दुकानदार ने हमला किया।दुकानदार इसके पहले भी कई वार अलग अलग महिलाओं से बद्तमीजी कर चुका हैं। उक्त दुकानदार व उसके कुछ साथी मार्किट में किसी गरीब व भिखारी को भी अधिकतर डंडों से पीटकर मारता पीटता हैं तथा बहार ज़मीन पर अधमरा कर गिरा देता हैं । अभी कुछ दिन पहले भी उक्त दुकानदार ने एक बेहद गरीब ब्यक्ति को पीटा था जो गंभीर रूप से घायल होकर पड़ा रहा था।कल भी एक ब्यक्ति को दुकानदार व उसके लोगो ने एक गरीब ब्यक्ति को पीट कर बाहर धूप में फेंक दिया था कल वहां से निकल रही शहीद की पत्नी व आईपीएस की बहू नम्रता ने देखा तो विरोध उक्त दुकानदार से दर्ज़ कराया।उक्त दुकानदार के बारे में वहाँ खड़े लोगो ने बताया कि वो दुकानदार अधिकतर लोंगो से बद्तमीजी करने के साथ अन्य महिला कर्मचारियों के साथ विरोध करने वालो को पीट देता हैं।महिला समाजसेवी नर्मता पांडेय रोजाना अस्पतालों व विभिन्न मोहल्लों में जाकर महिलाओं, गरीबो असहाय लोंगो को मदद करती हैं। आज जब शहीद विधवा ने फिर उक्त दुकानदार की वही हरकत देखी तो उन्होंने विरोधB किया तो दुकानदार ने अपने कर्मचारियों के साथ महिला समजसेवी व मानवाधिकार की वरिष्ठ कार्यकर्ता पर हमला करवा दिया ।महिला समाजसेवी की सगी बड़ी बहन जो एक वरिष्ठ पुलिस ऑफिसर कानपुर में रहीं कानपुर की बदनाम गली की बहुत बड़ी बुराई को उन्होंने जड़ से ख़त्म कर बहुत बड़ा साहस का काम किया था ।उक्त बुराई को प्रदेश में कोई सरकार व नेता तथा अधिकारी में करने का साहस नही था।मानवाधिकार की उक्त कार्यकर्ता व समाजसेवी का अच्छे कार्य करने पर इस तरह से कुछ अवांछनीय लोगो द्वारा हमला करना शहर की आबरू पर एक दाग है तथा बेहद शर्मनाक है।किउंकि उक्त परिवार ने शहर या प्रदेश को अपनी कुर्वानी के अलावा बहुत कुछ त्याग दिया है समाजसेवी महिला के पति ने भी बहुत बड़े बदमाशों व डकैतों से मुठभेड़ कर अपनी कुर्वानी दे कर बदमन्शो के प्रयास को विफल कर तमाम जानें बचाई थी

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