देहरादून 25 जुलाई।
उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाने की मांग पूरा कराने के लिये देहरादून में किये जा रहै आंदोलन के 312 दिन पूरा हो गये।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के अंतर्गत, 17 सितम्बर, 2018 से लैंसडौन चौक स्थित धरना स्थल पर राजधानी समर्थक धरने पर बैठे हैं। अभियान के मुख्य संयोजक लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल ने बताया कि राज्य गठन के समय गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की बात तत्कालीन केंद्र और संयुक्त प्रांत उत्तर प्रदेश की सरकारों ने की। इसके बावजूद राज्य बनने के 18 वर्ष पूरे होने के बाद भी स्थायी राजधानी घोषित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने राजधानी के नाम पर राज्य के लोगों को छलने का काम किया है।
श्री थपलियाल ने आरोप लगाया कि गैरसैंण में विधानसभा भवन आदि बनाने के बाद भी राज्य सरकारों ने हमेशा राजधानी घोषणा से बचने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब जो राजनीतिक दल सत्ता से बाहर हुआ तब वे गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग का समर्थन करने लग जाते हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी 27 जुलाई को आंदोलन के 315 दिन होने पर राज्य के विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों, संस्थाओं के प्रतिनिधि अपना समर्थन देते हुये महारैली करेंगे। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से स्थायी राजधानी बनाने सम्बन्धी मांग पूरी कराने के लिये 27 जुलाई की महासभा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है, ताकि राज्य सरकार इस मामले में शीघ्र घोषणा करने को मजबूर हो सके।

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