ग्लोबल टेरोरिस्ट घोषित किये गये आतंकी हाफिज सईद पर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने जो कार्यवाही करी है ये कार्यवाही ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की इसी हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली हैं। ऐसे में हाफिज सईद की गिरफ्तारी पाकिस्तान की बाजीगरी का नमूना है,दरअसल पाकिस्तान सरकार एक बार नहीं कई बार हाफिज सईद को गिरफ्तार करने का ड्रामा कर चुकी है लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से वैश्विक आतंकवादी घोषित किये गये हाफिज सईद को मजबूरन पाकिस्तान सरकार को गिरफ्तार करना पड़ा।पाकिस्तान के हालात तो वैसे भी किसी से छिपे नहीं हैं आज पाकिस्तान का जो भी हाल है उसके लिए पाकिस्तान खुद जिम्मेदार है। पाकिस्तान को बर्बादी के इस कगार पर पहंुचाने का काम वहां के कट्टरपंथी जेहादियों का है जो सरकार को अपनी उंगली पर नचाने का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के हालात हाल फिलहाल ठीक नहीं है , अन्तरराष्ट्रीय पटल पर अलग-थलग पड़ चुके पाक्सितान को अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से काफी जद्दोजहद और सख्त हिदायतों के साथ कर्ज हासिल हुआ है। अगर ये कहा जाये कि हाफिज सईद को भारत के बार-बार मुम्बई हमले में लिप्त होने के पूरे सबूत देने के बावजूद गिरफ्तार न करना और फिर अचानक कार्यवाही करते हुये गिरफ्तारी करके जेल भेज देना इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान पर कितना अन्तरराष्ट्रीय दबाव है क्योंकि अपनी हरकतों के चलते और एफ.ए.टी.एफ. में ब्लैक लिस्ट होने के डर से बचने के लिए पाकिस्तान ने हाफिज सईद पर ये कार्यवाही करी है तो शायद गलत नहीं होगा, लिहाजा पाकिस्तान सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा होना तो लाजिमी है। सियासी चश्में से देखें तो हाफिज सईद पर पाकिस्तान सरकार द्वारा की गई कार्यवाही के ये मतलब भी हो सकते हैं कि आगामी 22 जुलाई को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अमेरिका के व्हाईट हाउस के मेहमान होंग,े इस लिहाज से पाकिस्तान का हाफिज सईद पर कड़ा रूख और तीन दिन पहले ही भारत के लिए अपना हवाई रास्ता खोलने के पीछे स्वार्थ की इस सियासत के कयास लगाये जा रहे हैं। पाकिस्तान अमेरिका के सामने अपनी छवि को सुधारना चाहता है क्योंकि बीते साल ही अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा था कि पाकिस्तान ने झूठ और धोखा देने की कोशिश करी है, वहीं हिन्दुस्तान सरकार का अनुभव भी पाकिस्तान को लेकर कड़वा ही रहा है। इस लिहाज से पाकिस्तान सरकार के इस तुरन्त कार्यवाही पर अमेरिका सरकार को सोचना चाहिए क्योंकि ऐसे हालातों में पाकिस्तान भी कोई अनावश्यक आर्थिक जोखिम उठाना नहींचाहती है। अब सवाल ये उठता है कि आर्थिक तंगी और भुखमरी के मुहाने पर पहंुच रहे पाकिस्तान को अभी भी अमन-चैन, भाई -चारे और इंसानियत का रास्ता नहीं नजर आ रहा है। इस बात को दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आई.एस.आई और सेना की निगरानी में आंतंकी शिविर चलाकर भारत के खिलाफ इस्तेमाल करता है। पाकिस्तान ने 1999 में कन्धार विमान अपहरण के आरोपी अजहर मसूद के साथ दो और को रिहा करवाकर उन्हे अपने देश में विजेता बना कर रखा कहने का मतलब साफ है जिसे ने भी हिन्दुस्तान को गहरे घाव दिये हैं पाकिस्तान ने उतना ही उन्हें सिर आंखों पर बैठा कर रखा है। अब खुद ही सोचिए कि हिन्दुस्तान की आवाम कैसे और क्यों पाकिस्तान और हाल के पाकिस्तान के रूख से खुश हा,े उसे तो ये सारी पाकिस्तान की कूटरचना ही लगेगी। वैसे भी हिन्दुस्तान में हाफिज सईद की गिरफ्तारी को लेकर कोई रोमांच नहीं है। ऐसे में हिन्दुस्तान सरकार के साथ-साथ अमेरिका को भी पाकिस्तान की इस कार्यवाही से पसीजने की कोई जरूरत नहीं है ,क्योंकि इसके पीछे पाकिस्तान की छिपी मंशा को देखना होगा जो आर्थिक तंगी से बचने के लिए अपना दोहरा चरित्र इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान का सिर्फ और सिर्फ मकसद किसी भी तरह से पाकिस्तान को आर्थिक बदहाली से निकालना है। आतंकी फंडिग के खिलाफ हाफिज सईद पर की गई कार्यवाही महज एक नाटक से कम नहीं ह,ै वो इसलिए कि जमात-उद-दावा आतंकी संगठन के द्वारा चलाये जा रहे तकरीबन 280 से ज्यादा मदरसे,कालेज,अस्पताल और जबरदस्त नेटवर्क भी है उसी के साथ पाकिस्तान में हिन्दुस्तान के दुश्मनों की लम्बी-चैड़ी फौज भी है। ऐसे में इस बात पर बारीकी से हिन्दुस्तान ही नहीं अमेरिका को भी देखना होगा कि पाकिस्तान एक और झाठ और फरेब की तरफ तो नहीं बढ़ रहा है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जब अमेरिका ने हाफिज सईद पर एक करोड़ डालर का इनाम घोषित करा था और वहीं हिन्दुस्तान ने पाक्स्तिान पर दो सर्जिकल स्ट्राईक करे थे जिसकी वजह से पाकिस्तान विश्व मानचित्र पर अपनी आतंकी गतिविधियों को लेकर बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका है। पाकिस्तान ने भले ही हिन्दुस्तान को दिखाने या ये समझ लें कि मनाने के लिए हवाई मार्ग खोलकर या करतारपुर काॅरिडोर का रास्ता अपनाया हो लेकिन हिन्दुस्तान को कैसे यकीन आये कि पाकिस्तान अपनी गल्तियों से उबरने का प्रयास कर रहा है। इत्मिनान तो तब हो जब तक कि वो अपने यहां फल-फूल रहे आतंकी संगठनों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करके सरहद पर चल रहें आतंकी शिवरों को नेस्त नाबूद करने का अहद न ले , जो हिन्दुस्तान के खिलाफ साजिश रचने से गुरेज नहीं करते। बहरहाल देखना ये है कि पाकिस्तान सरकार अपने यहां पल रहे आतंकी संगठनों ओर उनके मुखियाओं पर कार्यवाही कहीं आर्थिक तंगी से उबरने के लिए तो नहीं कर रही है या सही में ये कार्यवाही इस लिए है जो इंसानियत की दुश्मन है। वैसे पूर्व की पाकिस्तानी सरकारें भी आतंकियों पर कार्यवाही करके ड्रामा रचती रही हैं , ऐसे में पाकिस्तान पर यकीन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। बहरहाल,जो हालात इस वक्त पाकिस्तान के हैं उसे देखकर कहा जा सकता है कि हाफिज सईद की गिरफ्तारी पाकिस्तान सरकार का स्क्रिप्टेड ड्रामा जरूर है।

सलीम रज़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *