देश की सबसे मशहूर कॉफी रेस्टोरेंट चेन ‘कैफे कॉफी डे’ CCD के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ सोमवार रात से लापता हैं, उनके ड्राइवर का कहना है कि ‘सिद्धार्थ बैंगलोर के उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दे दी पुलिस अब नदी में उनकी तलाश कर रही है…….

सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया है।इसमें कर्जदाताओं और प्राइवेट इक्विटी पार्टनर के दबाव का जिक्र है। उन्होंने लिखा है कि मैं बतौर व्यवसायी नाकाम रहा……. पत्र में सिद्धार्थ ने लिखा,‘‘बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा। मैं लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं। आयकर के पूर्व डीजी ने माइंडट्री की डील रोकने के लिए दो बार हमारे शेयर अटैच किए थे। बाद में कॉफी डे के शेयर भी अटैच कर दिए थे। यह गलत था जिसकी वजह से हमारे सामने नकदी का संकट आ गया।’’

कल बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने बजाज ऑटो की आम वार्षिक बैठक (AGM) में सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं उन्होंने कहा है कि सरकार कहे या न कहे लेकिन आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक के आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन-चार सालों में विकास में कमी आई है. दूसरी सरकारों की तरह वे अपना हंसता हुआ चेहरा दिखाना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई यही है.”

मारुति ओर टाटा मोटर्स को भी इस साल बड़ा घाटा झेलना पड़ा है हम लगातार लिख रहे हैं कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से देश बर्बादी की कगार पर आ गया है अब देश के बड़े उद्योगपति भी इस बात को स्वीकार कर रहे है

Girish Malviya

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